UP में कृषि शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान: बिल्हौर में बनेगा महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। यह विश्वविद्यालय कानपुर जिले के बिल्हौर में स्थापित किया जाएगा और राज्य के कृषि एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
प्रस्तावित विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक कृषि शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा कृषि नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों और शोध आधारित समाधानों को पहुंचाने का भी कार्य किया जाएगा।
हजारों छात्रों और किसानों को होगा लाभ
बिल्हौर में विश्वविद्यालय की स्थापना से कानपुर सहित आसपास के जिलों के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
महर्षि संस्थान परिवार ने जताया आभार
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद महर्षि संस्थान परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
महर्षि संस्थान परिवार के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी के उस दूरदर्शी विचार को आगे बढ़ाएगा, जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और जैविक खेती के माध्यम से किसानों एवं समाज के समग्र विकास की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
भारत को जैविक खेती में मिलेगी वैश्विक पहचान
महर्षि संस्थान के उपाध्यक्ष राहुल भारद्वाज ने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारत को जैविक खेती के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे महर्षि महेश योगी के लंबे समय से देखे गए सपने को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल बताया।
किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक
गवर्निंग बॉडी के सदस्य पंकज शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की आधुनिक पद्धतियां पहुंचाई जाएंगी। इससे खेती अधिक लाभकारी बनेगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा, जहां कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, विद्यार्थी और किसान मिलकर ज्ञान एवं तकनीक का आदान-प्रदान करेंगे।
उत्तर प्रदेश के कृषि विकास की ओर ऐतिहासिक कदम
महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। यह विश्वविद्यालय आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार, जैविक खेती और किसान सशक्तिकरण के माध्यम से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेगा। आने वाले वर्षों में यह संस्थान कृषि उत्कृष्टता, अनुसंधान और ग्रामीण विकास का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
UP Cabinet Approves Maharishi Mahesh Yogi International Agriculture University
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